'हिम्मत है तो संसद भंग कर बैलेट से कराएं चुनाव': खरगे की PM मोदी को सीधी चुनौती, CEC के खिलाफ लाएंगे 'जनता का महाभियोग'
- कांग्रेस अध्यक्ष की ललकार: मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा— "मजाक उड़ाने के बजाय दम है तो बैलेट पेपर से लोकसभा चुनाव कराएं।"
- बड़ा सियासी कदम: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को 'जनता का महाभियोग' (Public Impeachment) लाएगा 'INDIA' गठबंधन।
- वृंदा करात का तीखा हमला: "वाराणसी और नागपुर में जब बैलेट पेपर से चुनाव हुए, तो भाजपा चारों खाने चित हो गई थी।"
नई दिल्ली | 'INDIA' गठबंधन का चुनाव आयोग और केंद्र पर बड़ा हमला
देश की चुनावी व्यवस्था और ईवीएम (EVM) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब अपने चरम पर पहुँच गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनमें राजनीतिक साहस है, तो वे संसद भंग करके बैलेट पेपर के जरिए दोबारा चुनाव कराकर दिखाएं।
इसके साथ ही, विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'जनता का महाभियोग' (Public Impeachment) लाने का बड़ा ऐलान किया है।
खरगे की खुली चुनौती: "संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर रही सरकार"
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने का संगीन आरोप लगाया।
- बैलेट पेपर की मांग पर पलटवार: खरगे ने कहा, "वे बैलेट पेपर की मांग का मजाक उड़ाते हैं। अगर उन्हें अपनी लोकप्रियता पर इतना ही भरोसा है, तो संसद भंग करें और बैलेट पेपर पर चुनाव करवाकर दिखाएं।"
- 'जनता का महाभियोग': खरगे ने घोषणा की कि शुक्रवार को 'INDIA' गठबंधन के तमाम सांसद एक मंच पर एकजुट होंगे और CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के खिलाफ 'जनता का महाभियोग' प्रस्तुत करेंगे।
- असली मुद्दों से भटकाने का आरोप: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने के बजाय विपक्ष को नीचा दिखाने की राजनीति हो रही है। उन्होंने याद दिलाया, "एक समय ऐसा भी था जब पूरी संसद में भाजपा के पास सिर्फ दो सीटें थीं, तो क्या हम उसी बात को बार-बार दोहराते रहें?"
"बैलेट से हुए चुनाव, तो वाराणसी-नागपुर हार गई BJP": वृंदा करात
दूसरी ओर, माकपा (CPI-M) की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात ने वाराणसी और नागपुर के विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों को याद दिलाते हुए भाजपा पर बड़ा हमला बोला:
"प्रधानमंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जब बैलेट पेपर से एमएलसी चुनाव हुए, तो भाजपा अपनी दो सीटें हार गई। यही नहीं, आरएसएस (RSS) के मुख्यालय वाले नागपुर में भी उनका प्रत्याशी हार गया। यह इस बात का सबूत है कि जब चुनाव पूरी पारदर्शिता और बैलेट पेपर से होते हैं, तो जनता का असली जनादेश क्या होता है।"
विवाद की वजह?
यह पूरा सियासी घमासान तब शुरू हुआ जब चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में एनडीए (NDA) की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए कांग्रेस और विपक्ष पर तंज कसा था। इसके बाद से ही विपक्षी खेमे ने ईवीएम, बैलेट पेपर और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है।