https://islamictube.in/new_site/public/images/news_images/1711_2026-10-30_islamictube.webp

भूटान में फटी ग्लेशियल झील, बंगाल-असम में बाढ़ का हाई अलर्ट: संकोश नदी किनारे खाली कराए जा रहे घर

भूटान के गासा जिले में ग्लेशियल झील फटने के बाद भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल और असम के निचले इलाकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। चेतावनी है कि भूटान से आने वाली संकोश नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ सकता है।

कहां फटी झील?

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में लुनगो स्थित वकीला पर्वत के नीचे की शिनताफू झील अचानक फट गई। खतरे को भांपते हुए भूटान में नदी किनारे सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शिनताफू झील भूटान की 17 सबसे संभावित खतरनाक हिमनद झीलों में शामिल है।

भारत में क्यों है खतरा?

शिनताफू झील भूटान के पुनात्सांगछु नदी बेसिन में आती है।

यही नदी सीमा पार कर भारत में प्रवेश करते ही संकोश नदी कहलाती है।

भारतीय एडवाइजरी के मुताबिक, पानी का भारी सैलाब 6 से 8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा पर पहुंच सकता है।

जलस्तर में अचानक उछाल से निचले इलाकों की बस्तियां, खेत, पशु, पुल और सड़कें बह जाने का खतरा है।

कहां-कहां हाई अलर्ट?

असम: धुबरी जिला

उत्तर बंगाल: दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार

इलाका खाली करने की अपील

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने फेसबुक पर वीडियो संदेश जारी कर संकोश नदी किनारे रहने वालों से तुरंत घर खाली कर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की। उन्होंने चेताया कि कुमारग्राम के पास अगले एक से डेढ़ घंटे में पानी का प्रचंड बहाव पहुंच सकता है।

भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने X पर लिखा कि झील का पानी मोफू नदी के रास्ते सुनकोश नदी की ओर बढ़ रहा है, इसलिए नदी और उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया में रहने वाले लोग जान बचाने के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

NDRF और SDRF मुस्तैद

कूचबिहार के तुफानगंज और बक्सीरहाट में, असम सीमा के करीब, NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं।

लाउडस्पीकरों से नदी किनारे के गांवों में मुनादी कराई जा रही है, ताकि लोग समय रहते ऊंची जगहों पर चले जाएं।

दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और धुबरी तक अधिकारी 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।