धीरेंद्र शास्त्री के राम-कृष्ण वाले बयान पर सियासी घमासान: अखिलेश, पप्पू यादव और प्रियंका चतुर्वेदी ने की कार्रवाई की मांग; शास्त्री बोले, "भाव में बहकर दिया था उलाहना, क्षमाप्रार्थी हूं"
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री (धीरेंद्र कृष्ण गर्ग) की भगवान राम और कृष्ण की तुलना वाली टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने यह बयान मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। सोशल मीडिया पर हो रही बहस में अब कई विपक्षी नेता उतर आए हैं, जबकि VHP और NDA के कुछ नेताओं ने शास्त्री का बचाव किया है।
किसने क्या कहा?
अखिलेश यादव (सपा): पूछा, "सनातनी चुप क्यों हैं?" उन्होंने कहा कि पहले भगवान कृष्ण और अब श्रीराम के पिता के बारे में टिप्पणी का सुनने में आ रहा है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की और पूछा कि "सनातनियों के बुलडोजर" कहां हैं।
पप्पू यादव (निर्दलीय सांसद): FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने कथावाचकों के लिए सख्त कानून और धर्म पर बोलने के लिए 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' की मांग की। उनका आरोप है कि शास्त्री को नेताओं और एक पार्टी ने प्रायोजित किया है।
प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT): पूछा कि राम और कृष्ण की तुलना कैसे सही हो सकती है और जिस पार्टी ने उन्हें बढ़ावा दिया, वह चुप क्यों है।
सुरेंद्र राजपूत (यूपी कांग्रेस): कहा कि राम और कृष्ण को बांटने की बात करने वाला धर्माचारी नहीं हो सकता।
रायबरेली के वकील: जिलाधिकारी कार्यालय के सामने नारेबाजी कर FIR और कठोर कार्रवाई की मांग की।
बचाव में कौन?
ओपी राजभर (यूपी सरकार में मंत्री): अखिलेश पर तंज कसा कि उन्हें कृष्ण से क्या मतलब, वे मथुरा दर्शन करने जाते नहीं, सिर्फ ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हैं।
श्रीराज नायर (VHP प्रवक्ता): कहा कि हर हिंदू 'हिंदू' है और अखिलेश यादव "चुनावी हिंदू" हैं।
शास्त्री की सफाई
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "मैंने भाव में बहकर श्री ठाकुर जी (कृष्ण) को उलाहना दिया था, जिसका लोगों ने अर्थ का अनर्थ निकाल लिया। हम भगवान राम और कृष्ण में भेद नहीं करना चाहते थे। मैं खुद कृष्ण का भक्त हूं। किसी को ठेस पहुंची हो तो क्षमाप्रार्थी हूं। हमने भगवान को बांटने की कोशिश नहीं की।"
पहले भी रहे हैं विवादों में
सितंबर में कोलकाता के भवानीपुर थाने में उनके खिलाफ FIR की मांग हुई थी। दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद ने आरोप लगाया था कि दुर्गा पूजा में मांस खाने पर उन्होंने बंगालियों को 'पाखंडी' कहा। तब बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनका नाम लिए बिना अपील खारिज कर दी थी।
शास्त्री छतरपुर के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम के पुजारी हैं। 2022 में नागपुर के एक कार्यक्रम में अंधविश्वास फैलाने के आरोपों के बाद वे पहली बार सुर्खियों में आए थे।