हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है, उन्होंने कहा: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कंकर फेंक कर बैअ (बिक्री) करने और धोखे वाली बैअ से मना फरमाया है।
इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...