عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ " يُسَلِّمُ الصَّغِيرُ عَلَى الْكَبِيرِ، وَالْمَارُّ عَلَى الْقَاعِدِ، وَالْقَلِيلُ عَلَى الْكَثِيرِ "(بُخاری شریف ۶۲۳۱)
अनुवाद
नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "छोटा बड़े को सलाम करे, और गुज़रने वाला बैठे हुओं को सलाम करे, और थोड़े लोग ज़्यादा को सलाम करें" (थोड़े होने की वजह से वे अदना हैं, इसलिए वे ज़्यादा को सलाम करें) (तोहफ़त-उल-क़ारी)