कुछ लोग सूर्यास्त के बाद सफाई के मक़सद से झाड़ू लगाने से मना करते हैं, और यह कहते हैं कि इससे रिज़्क़ (रोज़ी) में कमी आती है। शरीअत में इसकी कोई असल (बुनियाद) नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की गलतफहमियों में से है। इसलिए ज़रूरत के वक़्त मग़रिब के बाद भी झाड़ू लगाई जा सकती है। (अहम मसाइल / जि.: 5 / पृष्ठ: 50)