मुहक्कक मसाला

कसम खाते वक़्त कुरान करीम, तौरात या इंजील वगैरह मुक़द्दस (पवित्र) किताबों पर हाथ रखना कसम के सही होने के लिए लाज़िम (ज़रूरी) नहीं है, इन किताबों पर हाथ रखे बगैर भी कसम सही हो जाती है। लेकिन अगर कसम की ताकीद और कसम खाने वाला झूठी कसम न खाए, इस बात से उसे डराने के लिए ऐसा किया जाता है, तो इसकी इजाज़त है। (अल-फ़तावा अल-हिन्दिय्याह : 51,52/2) (माखूज़ अज़ : दरसी व इल्मी अहम मसाइल पृ: 314)

गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा
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गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा

जंग-ए-इस्कंदरिया (सिकंदरिया के युद्ध) में रूमी एक किले में बंद थे और मुसलमानों ने उस किले की घेराबंदी (محاصرہ) कर रखी थी। एक रोज़ रूमी मैदान में निकले और सिपहसालार हज़रत अम्र बिन अल-आस (रज़ियल्लाहु अन्हु) चंद सवारों को लेकर उनके मुक़ाबले हुए, घमासान की लड़ाई हुई। मुसलमान रूमियों को दबाते हुए बराबर क...

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