मुहक्कक मसाला

नमाज़ में आस्तीन उतारना

अगर कोई शख़्स रकअत के फ़ौत होने के डर से जल्दी-जल्दी जमाअत में शामिल हो गया, और आस्तीनें ऊपर चढ़ी रह गईं, तो उसके लिए अफ़ज़ल यह है कि अपनी आस्तीनें कुछ क़ियाम में, कुछ रुकू में, कुछ क़ौमा में, कुछ सज्दा में और कुछ जलसा में अमल-ए-क़लील से उतारे, ऐसी सूरत इख़्तियार न करे कि अमल-ए-कसीर हो जाए और नमाज़ फ़ासिद हो जाए। (अहम मसाइल / जि: 1 / पृ: 56)

पागल टैक्सी ड्राइवर — (एक खामोश हीरो की कहानी)
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पागल टैक्सी ड्राइवर — (एक खामोश हीरो की कहानी)

इमरजेंसी वार्ड की गहमागहमी में एक अजनबी दाखिल हुआ। कंधों पर वक्त का बोझ, हाथों में एक बेहोश औरत, और पीछे दो बच्चे, जिनके चेहरों पर खौफ और आंखों में नमी थी। डॉक्टर ने मरीज को देखा, दिल पर हाथ रखा और सर्द लहजे में बोला, "हार्ट अटैक है। तुरंत इलाज जरूरी है, वरना बचना मुश्किल है।" यह सुनकर बच्चे मां से...

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