*"وقلّما تسكن الأضغان في خلدٍ*
*إلا وفي وجه من يسعى بها كلفُ"*
"दिल में कीना (कपट/द्वेष) कम ही छुप सकता है; देर-सवेर वह चेहरे पर किसी न किसी रूप में ज़ाहिर हो ही जाता है।"
*"وقلّما تسكن الأضغان في خلدٍ*
*إلا وفي وجه من يسعى بها كلفُ"*
"दिल में कीना (कपट/द्वेष) कम ही छुप सकता है; देर-सवेर वह चेहरे पर किसी न किसी रूप में ज़ाहिर हो ही जाता है।"