"आमों का मौसम आया है और हवाओं में मिठास छाई है,
हर डाल पर ल...
Ummah Post
16 July, 2025

"आमों का मौसम आया है और हवाओं में मिठास छाई है,

हर डाल पर लदे हैं ऐसे, जैसे जन्नत की सौगात आई है।"

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...और मलक-उल-मौत आ पहुँचा!!
लेख

...और मलक-उल-मौत आ पहुँचा!!

एक नौजवान लड़की एक सुपरमार्केट में अपने जिस्म की नुमाइश करते हुए फ़ित्ना अंगेज़ (उत्तेजक) अंदाज़ में जा रही थी। उसके अंदाज़ में ऐसी खुद-नुमाइश (दिखावा) और खुद-सताई (अहंकार) थी जैसे दुनिया उसी की वजह से पैदा की गई हो। વहाँ से एक नेक और सालेह (सज्जन) नौजवान गुज़र रहा था, उसने अज़-राह-ए-हमदर्दी (सहा...