"वह कहता था, 'मैं तुम्हारी खामोशी पढ़ना चाहता हूँ।'

मैंने...
Ummah Post
21 August, 2025

"वह कहता था, 'मैं तुम्हारी खामोशी पढ़ना चाहता हूँ।'

मैंने भी मैसेज करके डिलीट कर दिया, अब पढ़ते रहो खामोशियां! 😒😒

अब मैसेज करके पूछ रहा है, 'क्या डिलीट किया?' 😅😂"

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इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल
लेख

इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल

इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...