तसद्दुक़ अपने ख़ुदा के जाऊँ यह प्यार आता है मुझको इन्शा,
इध...
Ummah Post
19 January, 2026

तसद्दुक़ अपने ख़ुदा के जाऊँ यह प्यार आता है मुझको इन्शा,

इधर से ऐसे गुनाह पैहम उधर से वो दम-ब-दम इनायत।

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इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल
लेख

इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल

इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...