रीवायतों में आता है कि रिज़्क़ सुबह की नमाज़ के बाद तक़सीम (...
Ummah Post
22 October, 2024

रीवायतों में आता है कि रिज़्क़ सुबह की नमाज़ के बाद तक़सीम (वितरित) होता है और आमाल दिन के आख़िर में ऊपर उठाए जाते हैं; जो इंसान इन औक़ात (समयों) में अल्लाह की इताअत (आज्ञापालन) में मसरूफ़ (व्यस्त) रहेगा, उसके रिज़्क़ और अमल में बरकत अता की जाएगी... 🌹♥️🌹

हाफ़िज़ इब्न हजर असक़लानी (रह.)

(फ़त्हुल बारी, 2: 42)

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हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया
लेख

हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया

हज़रत तल्हा (रज़ियल्लाहु अन्हु) अपना इस्लाम क़बूल करने का वाक़िया (घटना) बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि: एक मर्तबा मैं बुसरा (بصری) के बाज़ार और मेले में मौजूद था, वहाँ एक पादरी अपने गिरजाघर की ऊपरी मंज़िल (बालो-ख़ाने) में रहता था। उसने एक दिन मेरे सामने लोगों से कहा, "इस बाज़ार और मेले वालों से पूछो...