मरकज़ी जमीयत अहले हदीस हिंद द्वारा आयोजित अज़ीमुश्शान (महान)...
Ummah Post
9 November, 2024

मरकज़ी जमीयत अहले हदीस हिंद द्वारा आयोजित अज़ीमुश्शान (महान) कॉन्फ्रेंस "इहतिराम-ए-इंसानियत व मज़ाहिब-ए-आलम" (मानवता और विश्व धर्मों का सम्मान) में हज़रत अमीर-उल-हिंद (अल्लाह उनकी हिफ़ाज़त फ़रमाए) मस्जिद-ए-नबवी के इमाम समाहतुश-शेख डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुल रहमान अल-बैजान (अल्लाह उनकी हिफ़ाज़त फ़रमाए) से गुफ़्तगू (बातचीत) करते हुए। 🌸💐

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कलमा पढ़ी हुई मेम
लेख

कलमा पढ़ी हुई मेम

हमारे एक दोस्त थे; ज़ेहन (सोच) इस्लामी, लेकिन चेहरा-मोहरा ग़ैर-इस्लामी। हम सिर्फ़ उनके ज़ेहन पर ही अल्लाह का शुक्र अदा करते थे। मौसूफ़ (महोदय) कुछ समय के लिए इंग्लैंड तशरीफ़ ले गए, और जब उनकी वापसी हुई तो बगल में एक मेम (गोरी मेम) थीं! चूँकि मौसूफ़ का ताल्लुक एक पारंपरिक परिवार से था, इसलिए यह ख़...