"हम अपनी पूरी ज़िंदगी पैसों के पीछे भागते रहते हैं और उस महा...
Ummah Post
11 November, 2024

"हम अपनी पूरी ज़िंदगी पैसों के पीछे भागते रहते हैं और उस महान मक़सद को भूल जाते हैं जिसके लिए हमें पैदा किया गया था। और जब हम पैसे तक पहुँचते हैं, तो ज़िंदगी ही ख़त्म हो जाती है। 👌🏻💔💸"

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गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा
लेख

गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा

जंग-ए-इस्कंदरिया (सिकंदरिया के युद्ध) में रूमी एक किले में बंद थे और मुसलमानों ने उस किले की घेराबंदी (محاصرہ) कर रखी थी। एक रोज़ रूमी मैदान में निकले और सिपहसालार हज़रत अम्र बिन अल-आस (रज़ियल्लाहु अन्हु) चंद सवारों को लेकर उनके मुक़ाबले हुए, घमासान की लड़ाई हुई। मुसलमान रूमियों को दबाते हुए बराबर क...