हमारे बचपन की वो अफ़वाहें, जो आज भी हमें याद आती हैं! 😉😉 त...
Ummah Post
13 November, 2024

हमारे बचपन की वो अफ़वाहें, जो आज भी हमें याद आती हैं! 😉😉 तो चलिए, मिलकर वो अफ़वाहें और यादें ताज़ा करते हैं। जैसे कि:

* पेंसिल के कचरे (छिलके) को दराज़ में रखने से तितली बन जाती है। 😂😂

* तरबूज (या किसी फल) का बीज खा लिया तो पेट में पेड़ उग आएगा। 😂😂

* सब्जियों के इतने फायदे गिनाए जाते थे जो खुद सब्जियों को भी पता नहीं होंगे। 😂😂

* चाँद पर एक बुढ़िया चरखा चला रही है। 😁😁

* चाँदनी रात में परियाँ आएँगी। 😂😂

* चारपाई पर चप्पल समेत बैठ जाने से सांप आ जाता है। 😂😂

* टूटा हुआ दाँत घर की छत पर फेंक कर यह कहने से कि: "चिड़िया चिड़िया पुराना दाँत ले जा और नया दे जा" नया दाँत मिल जाता है। 😁😁

* टीचर की कुर्सी पर बैठोगे तो फेल हो जाओगे। 😂😂😜

* पतीली (कढ़ाई) में खाना खाने से शादी में बारिश होती है। 😂😂

* कैंची को खाली चलाने से घर में लड़ाई होती है। 😂😂

* "आल्तू जलाल तू, आई बला को टाल तू" बोलने से टीचर नहीं मारेंगी। 😂😂

* नमक गिरते ही पानी बहाओ वरना क़यामत के दिन पलकों से उठाना पड़ेगा। 😂😂

* मग़रिब (शाम) से पहले अपने-अपने घरों को चले जाओ क्योंकि मग़रिब के बाद सर-कटा (बिना सिर का भूत) निकलता है और वो बच्चों को मार देता है। 😂😂

* पेंसिल के छिलके को दूध में पकाने से इरेज़र (रबर) बनती है। 😂😂

* हमारा स्कूल कब्रिस्तान पर बना हुआ है। 😂

* "झूठ बोलोगे, तो ज़ुबान काली हो जाएगी।" 😂😂 (हालाँकि ज़ाहिर तौर पर यह भी एक झूठ था!) 😂😂

* मछली खाने के बाद पानी मत पीना वरना वो पेट में तैरेगी। 😂😂

* कोई आपके ऊपर से लाँघ (फलांग) जाए तो आपका क़द छोटा रह जाएगा। 😂😂

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