♦️♦️ *अच्छे कर्मों का फल* ♦️♦️

एक छोटे से गाँव में रहीम न...
Ummah Post
15 November, 2024

♦️♦️ *अच्छे कर्मों का फल* ♦️♦️

एक छोटे से गाँव में रहीम नाम का एक मेहनती किसान रहता था। उसके पास थोड़ी सी ज़मीन थी, और वह दिन-रात मेहनत करके अपना गुज़ारा करता था। एक दिन उसने अपने खेत में एक घायल पक्षी पाया। पक्षी अपने टूटे हुए पंख के कारण उड़ नहीं सकता था और दर्द में था। रहीम ने उसे उठाया और अपने घर ले आया।

रहीम ने पक्षी की देखभाल शुरू की। वह उसे खाना देता और रोज़ उसके ज़ख्म की मरहम-पट्टी करता। दिन गुज़रते गए और पक्षी की हालत बेहतर होती गई। आखिरकार, एक दिन पक्षी इतना मज़बूत हो गया कि वह दोबारा उड़ने के काबिल हो गया। रहीम ने उसे आज़ाद कर दिया और पक्षी खुशी-खुशी आसमान की ऊंचाइयों में उड़ने लगा।

कुछ महीनों बाद, गाँव में अकाल पड़ा और रहीम के खेत सूखने लगे। खाना भी ख़त्म होने को था, और रहीम चिंतित था कि वह कैसे गुज़ारा करेगा। अचानक, वही पक्षी जिसे रहीम ने बचाया था, अपने दोस्तों के साथ वापस आया। उन्होंने रहीम के खेत में दाने बिखेर दिए। जल्द ही खेत हरे-भरे हो गए और रहीम की मेहनत रंग लाई।

इस कहानी से हमें यह सबक़ मिलता है कि अगर हम दूसरों की मदद करेंगे तो शायद किसी दिन हमारी भी मदद हो जाएगी। अल्लाह ने यह दुनिया इस तरह बनाई है कि अच्छे कर्मों का फल किसी न किसी रूप में वापस ज़रूर मिलता है।

🖊 वाक़यात पढ़िए और इबरत (सीख) लीजिए 📚📚

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