एक बदज़ुबान (कटुभाषी) व्यक्ति अपनी कड़वी बातों से दूसरों को...
Ummah Post
19 November, 2024

एक बदज़ुबान (कटुभाषी) व्यक्ति अपनी कड़वी बातों से दूसरों को तकलीफ़ देता है, उसकी ज़ुबान की सख़्ती से रिश्ते कमज़ोर और दिल मजरूह (घायल) होते हैं। अच्छे अख़्लाक़ (शिष्टता) की कमी उसकी शख़्सियत (व्यक्तित्व) को नकारात्मक बना देती है, और बदज़ुबानी से लोगों का एहतराम (सम्मान) और एतमाद (विश्वास) खो जाता है। इंसान को चाहिए कि अपनी ज़ुबान को नर्म और अख़्लाक़ को बेहतर रखे।

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हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया
लेख

हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया

हज़रत तल्हा (रज़ियल्लाहु अन्हु) अपना इस्लाम क़बूल करने का वाक़िया (घटना) बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि: एक मर्तबा मैं बुसरा (بصری) के बाज़ार और मेले में मौजूद था, वहाँ एक पादरी अपने गिरजाघर की ऊपरी मंज़िल (बालो-ख़ाने) में रहता था। उसने एक दिन मेरे सामने लोगों से कहा, "इस बाज़ार और मेले वालों से पूछो...