ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।
हमेशा अपना रवैया सख्त रखो...
Ummah Post
20 November, 2024

ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।

हमेशा अपना रवैया सख्त रखो।

तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (शंकाएं/बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (विनाश) है। •🍂

*जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत है।*

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अल्लाह का ख़ौफ़ और मग़्फ़िरत: सहीह मुस्लिम की एक ईमान अफ़रोज़ हदीस
लेख

अल्लाह का ख़ौफ़ और मग़्फ़िरत: सहीह मुस्लिम की एक ईमान अफ़रोज़ हदीस

एक हदीस हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से मर्वी (वर्णित) है... फ़रमाते हैं कि एक मर्तबा हुज़ूर अक़्दस (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पिछली उम्मतों के एक शख़्स का वाक़िया बयान फ़रमाया... कि एक शख़्स था जिसने अपनी जान पर बड़ा ज़ुल्म किया था... बड़े-बड़े गुनाह किए थे... बड़ी ख़राब ज़िंदगी गुज़ारी थी....