एक व्यक्ति आपके पास आया और अर्ज़ किया कि कुछ नसीहत फ़रमाइए। आपने फ़रमाया, "छह (6) बातें बताता हूँ, उन पर अमल करो, फिर कुछ भी करोगे तो नुक़सान न पहुँचेगा।" आपने उन छह बातों की व्याख्या इस तरह की:
1. जब गुनाह करो तो उसकी (अल्लाह पाक की) नेमत मत खाओ। दुनिया में जो कुछ भी है, वह उसी की नेमत है; क्या...