कारोबारी लाइन में मर्द-ओ-ज़न का इख़्तिलात
मलफ़ूज़ात : हज़रत मौलाना मोहम्मद हकीम अख्तर साहब रहमतुल्लाह अलैह - व्यापारिक (کاروباری) लाइन में भी मर्द और औरत का इख़्तिलात (मेल-जोल) उरूज (चरम) पर है, देखिए! अव्वल (पहले) तो...
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मलफ़ूज़ात : हज़रत मौलाना मोहम्मद हकीम अख्तर साहब रहमतुल्लाह अलैह - व्यापारिक (کاروباری) लाइन में भी मर्द और औरत का इख़्तिलात (मेल-जोल) उरूज (चरम) पर है, देखिए! अव्वल (पहले) तो...
अब्बा जी बूढ़े हो गए थे और चलते-चलते दीवार का सहारा लेते थे। नतीजतन दीवारों का रंग खराब होने लग गया, जहां भी वह छूते थे वहां दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान छप जाते थे। मेरी प...
इमरजेंसी वार्ड की गहमागहमी में एक अजनबी दाखिल हुआ। कंधों पर वक्त का बोझ, हाथों में एक बेहोश औरत, और पीछे दो बच्चे, जिनके चेहरों पर खौफ और आंखों में नमी थी। डॉक्टर ने मरीज को देखा,...
मेरे भाई ने मुझे अपने एक दोस्त से सुना हुआ सच्चा वाक़या सुनाया, जो मैं अपनी बहनों के लिए बतौरी नसीहत (सीख के रूप में) पेश कर रहा हूँ। मेरे एक अज़ीज़ (रिश्तेदार) पैरिस में काफ़ी समय...
सवाल किया गया: शुरुआती छात्र के लिए कोई संक्षिप्त नसीहत? मैंने बार-बार नसीहत की है, मगर जानता हूँ कि हर नसीहत का पहला मुखातिब (संबोधित) खुद मेरा दिल है। लेकिन शायद दोहराने में हिकम...
हज़रत मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी लिखते हैं कि: सबसे पहले जिस किताब ने मुझे इस्लाम के बारे में सही जानकारी दी और हिंदू समाज में रहकर मैं सोलह साल की उम्र से पहले मुसलमान हो गया, वह "तु...
06 जून, 2025 - "जाओ, मेरा दिमाग मत खाओ"। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने यह वाक्य न सुना हो। हमारी भाषा में "दिमाग खाना" केवल एक मुहावरे के रूप में उपयोग किया जाता है, लेकिन समु...
एक यहूदी ने रूस छोड़कर इज़राइल में बसने की अनुमति ली और रूस से रवाना हुआ। एयरपोर्ट पर जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो लेनिन की एक मूर्ति बरामद हुई। इंस्पेक्टर ने पूछा: "यह क्या...
जब हज़रत यूसुफ़ को कुएँ में डाला गया तो हज़रत मूसा को भी पानी में डाला गया। हज़रत यूसुफ़ मिस्र में थे तो हज़रत मूसा भी मिस्र में थे। हज़रत यूसुफ़ ने महल में ज़िंदगी गुज़ारी त...
(मुलाख़्ख़स - इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप) अल्लाह तआला ने हर चीज़ के लिए एक मुक़र्रर रास्ता बनाया है। खाना मुँह से मेदे तक जाता है, जहाँ लुआब इसे हज़्म के क़ाबिल बनाता है। साँस नाक से फ...
🖋 मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी - शम्अ-ए-फ़रोज़ां 🕯 अल्लाह तआला ने हर चीज़ के लिए एक रास्ता बनाया है, इसी रास्ते से उस चीज़ को हासिल करने में इंसान की भलाई है और इस रास्ते...
किसी बुजुर्ग ने क्या ही खूब फरमाया है: अगर तुम यह जानना चाहते हो कि अल्लाह के नजदीक तुम्हारा मकाम क्या है, तो देखो वह तुम्हें किस काम में व्यस्त (मशगूल) रखता है: अगर वह तुम्ह...