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उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं

उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं

यह्या बिन यह्या बयान करते हैं: जब इमाम मालिक (रहमतुल्लाह अलैह) की मृत्यु-शय्या की बीमारी लंबी हो गई और अंतिम समय करीब आ गया, तो मदीना मुनव्वरा और अन्य शहरों से सभी उलेमा (विद्वान)...

09 Jul, 2026 और पढ़ें
बाप का आखिरी खत

बाप का आखिरी खत

कहानी का शीर्षक: "पिताजी ने कहा था जल्दी वापस आऊँगा... मगर ग्यारह साल बीत गए" मैं सिर्फ़ आठ साल का था जब पिताजी ने घर से जाते हुए मेरे सिर पर हाथ रखा और मुस्कुरा कर कहा: "बेटा,...

04 Jun, 2026 और पढ़ें
आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी

आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी

दफ़्तर के करीब फ़ुटपाथ पर बैठे उस बूढ़े से आते-जाते जूते पॉलिश करवाना उसका नियम था। मगर एक अजीब बात जो मैं पिछले कई दिनों से नोट कर रहा था, वह यह थी कि वह हर बार जूता पॉलिश करवाने...

01 Sep, 2025 और पढ़ें
एक खामोश सबक़

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या...

25 Aug, 2025 और पढ़ें
इंसान की गुज़रती ज़िंदगी...! (एक रुला देने वाली कहानी)

इंसान की गुज़रती ज़िंदगी...! (एक रुला देने वाली कहानी)

बहुत समय पहले एक जगह सेब का एक बहुत बड़ा पेड़ था और रोजाना एक बच्चा वहाँ आकर उस पेड़ के इर्द-गिर्द खेला करता था। वह बच्चा उस पेड़ की टहनियों से चिपक-चिपक कर उसकी चोटी पर चढ़ता, उसक...

26 Mar, 2025 और पढ़ें
बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

उन दिनों जब मैं मदरसे में पढ़ता था। एक बाबा जी ज़्यादातर समय मस्जिद में गुज़ारते थे। हर समय किसी न किसी इबादत में व्यस्त रहते थे। यही मौसम था, सख्त सर्दी थी। मैंने देखा कि वह बर्फ...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
आधुनिक सुख-सुविधाएं और राजा-महाराजा: कृतज्ञता का पाठ

आधुनिक सुख-सुविधाएं और राजा-महाराजा: कृतज्ञता का पाठ

कारुन नहीं जानता था कि हमारी जेब में मौजूद एटीएम (ATM) कार्ड उसकी चाबियों की जगह ले लेगा, जिसकी चाबियों को ताकतवर मर्द भी नहीं उठा पाते थे...!! किसरा (फ़ारस का राजा) नहीं जानता...

07 Nov, 2024 और पढ़ें
मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

खुरासान का बादशाह शिकार खेलकर वापस आने के बाद तख्त पर बैठा था, थकावट की वजह से उसकी आँखें बोझिल हो रही थीं। बादशाह के पास एक गुलाम हाथ बांधे अदब के साथ खड़ा था। बादशाह को सख्त नींद...

17 Oct, 2024 और पढ़ें