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अमानत व दियानत की आला तरीन मिसाल

अमानत व दियानत की आला तरीन मिसाल

नाज़िम नदवतुल उलमा हज़रत मौलाना बिलाल अब्दुल हई साहब हसनी नदवी ज़ीद मजदुहू ने दारुल उलूम के साबिक़ मोहतमिम हज़रत उस्ताज़ डॉक्टर मौलाना सईदुर्रहमान साहब आज़मी नदवी रह. के हवाले से य...

31 Oct, 2026 और पढ़ें
सालगिरह (जन्मदिन) मनाने की शरई हैसियत

सालगिरह (जन्मदिन) मनाने की शरई हैसियत

आज पूरी दुनिया में मुसलमानों पर आफ़ात और मुसीबतें उमड़-उमड़ कर आ रही हैं। अगर इसकी वजह यह बताई जाए तो गलत न होगा कि यह मुसीबत बुराइयों, बेपर्दगी, अजनबी पुरुषों का अजनबी महिलाओं से...

03 Aug, 2026 और पढ़ें
मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और स...

25 Jun, 2026 और पढ़ें
मौलवी...

मौलवी...

यह वह व्यक्ति है जिसे अक्सर आलोचना का निशाना बनाया जाता है, लेकिन जब ध्यान से देखा जाए तो मालूम होता है कि उसकी सेवाएँ हमारे जीवन के हर मोड़ पर मौजूद हैं। मनुष्य के जीवन की शुरुआत...

15 Jun, 2026 और पढ़ें
एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम...

06 Jun, 2026 और पढ़ें
बाप का आखिरी खत

बाप का आखिरी खत

कहानी का शीर्षक: "पिताजी ने कहा था जल्दी वापस आऊँगा... मगर ग्यारह साल बीत गए" मैं सिर्फ़ आठ साल का था जब पिताजी ने घर से जाते हुए मेरे सिर पर हाथ रखा और मुस्कुरा कर कहा: "बेटा,...

04 Jun, 2026 और पढ़ें
आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

एक गाँव में एक ग़रीब नाई रहा करता था जो एक पेड़ के नीचे कुर्सी लगाकर लोगों की हजामत (बाल-दाढ़ी) बनाया करता था। उसकी गुज़र-बसर बहुत मुश्किल से हो रही थी। उसके पास रहने को न कोई घर थ...

18 Oct, 2025 और पढ़ें
99 का नियम:

99 का नियम:

एक राजा ने अपने मंत्री से कहा, "एक बात समझ नहीं आती कि मेरे पास दुनिया जहान की हर सुख-सुविधा का सामान है, लेकिन फिर भी दिल खुश नहीं रहता। वहीं मेरे खादिम (सेवक) के पास कुछ नहीं है,...

29 Aug, 2025 और पढ़ें
एक खामोश सबक़

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या...

25 Aug, 2025 और पढ़ें
सहारे इंसान को खोखला कर देते हैं

सहारे इंसान को खोखला कर देते हैं

इरान का एक राजा सर्दियों की एक शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था, तो उसने एक ऐसे बूढ़े दरबान (चौकीदार) को देखा जो महल के मुख्य द्वार पर पुरानी और बारीक वर्दी पहने पहरा दे रहा था।...

22 Aug, 2025 और पढ़ें
खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!

खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!

इमाम जलालुद्दीन रूमी (रह.) ने लिखा है कि एक आदमी सफर पर निकला। वह एक जंगल में चलता रहा और बहुत दूर चलने के बाद उसे भारी थकान महसूस हुई, जिसके कारण उस पर नींद हावी हो गई। उसने सोचा...

21 Jul, 2025 और पढ़ें
पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:

पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:

हज़रत मौलाना सैयद असग़र हुसैन रहिमतुल्लाह अलैह (जो अपने मिलने वालों में हज़रत मियां साहब के नाम से मशहूर थे) दारुल उलूम देवबंद के उन उस्तादों में से थे जो शोहरत और नाम-ओ-नमूद (دکھا...

27 Jun, 2025 और पढ़ें