इमाम अबू बक्र बाक़िलानी (रह.) का ईसाई भिक्षु को लाजवाब जवाब
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इमाम अबू बक्र बाक़िलानी (रह.) का ईसाई भिक्षु को लाजवाब जवाब

admin
18 Oct, 2024

इस्लाम के मशहूर मुनाज़िर (बहस करने वाले विद्वान) इमाम अबू बक्र बाक़िलानी (रहमतुल्लाही अलैहि) से एक ईसाई राहिब (भिक्षु/पादरी) ने मुलाक़ात की। बातचीत के दौरान ईसाई राहिब ने कहा, "तुम मुसलमान नस्ल-परस्त (जातिवादी/पक्षपाती) होते हो?"

इमाम अबू बक्र बाक़िलानी ने पूछा: "वह कैसे?"

ईसाई राहिब: "तुम्हारे यहाँ मुसलमान मर्द किसी ईसाई औरत या यहूदी औरत से निकाह करना चाहे तो वह तो जाइज़ (वैध) है, लेकिन अगर कोई ईसाई या यहूदी मर्द तुम्हारी मुस्लिम औरतों से निकाह करना चाहे तो वह जाइज़ नहीं है। यही तो तुम्हारी नस्ल-परस्ती है।"

इमाम अबू बक्र बाक़िलानी ने फ़रमाया: "हमारे यहाँ यहूदी औरत से निकाह करना इस वजह से जाइज़ है कि हम यहूदियों के नबी हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) पर ईमान (विश्वास) रखते हैं। इसी तरह हमारे यहाँ ईसाई औरत से निकाह करना इस वजह से जाइज़ है कि हम ईसाइयों के नबी हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) पर भी ईमान रखते हैं। राहिब साहब! तुम लोग भी जब हमारे नबी हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर ईमान ले आओगे, तो तुम्हारे लिए भी हमारी मुसलमान औरतों से निकाह करना जाइज़ हो जाएगा।"

यह सुनकर राहिब हक्का-बक्का (लाजवाब) रह गया।

(किताब: माहनामा दावत-ए-दीन कराची, अक्टूबर

पृष्ठ: 25

नक़ल कर्ता: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप)

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