जेल से निकलते ही ED ने किया गिरफ्तार: आजम खान 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजे गए, बोले, "मुसलमान होने की सजा मिल रही"
सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया। पैन कार्ड केस में जमानत मिलने पर वे बीती रात रामपुर जेल से रिहा हुए थे, लेकिन बाहर आने के करीब 15 मिनट के भीतर ED ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आजम खान का दर्द
गिरफ्तारी के दौरान मीडिया ने बोलने को कहा तो आजम खान ने निराशा भरे अंदाज में कहा, "अब बोलने के लिए बचा ही क्या है? कानून खत्म हो गया है, मुसलमान होने की सजा मिल रही है। हमारी गलती यह थी कि मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी बनाई और ऐसा करके हमने गुनाह कर दिया। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए, क्या यह हमारा गुनाह है?"
अखिलेश यादव का विरोध
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए भाजपा सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ED पहले ही जौहर यूनिवर्सिटी की करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है और अब आजम खान को गिरफ्तार कर लिया। उनका सवाल था कि जांच एजेंसी आखिर क्या करना चाहती है और भाजपा सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर काम क्यों कर रही है।
वकील के आरोप
आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने कहा कि उन्हें जेल से निकलते ही बिना कारण बताए और बिना पूर्व सूचना के उठा लिया गया। उनके मुताबिक किसी को पता नहीं था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है या कौन ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कभी जेल से निकलते ही इस तरह हिरासत में लेते नहीं देखा, और इसे सरकार के "तानाशाही रवैये" का सबूत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तीन दिन की कड़ी मेहनत के बाद रिहा कराया गया था। उनका दावा है कि 2027 के चुनाव नजदीक हैं और जिन्हें खतरा महसूस हो रहा है, वही यह करवा रहे हैं।
ED का पक्ष
ED का आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन, सरकारी ठेकों की रकम और निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग की गड़बड़ियां सामने आईं।