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अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में UP सरकार का खुलासा

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में UP सरकार का खुलासा, "गिनती के दौरान ही निकाले गए पैसे"; 8 आरोपियों पर चार्जशीट, ट्रायल कोर्ट को आगे बढ़ने का निर्देश

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों में हुई गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि दानपात्र से नकदी की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों ने पैसों की हेराफेरी की। मामले में जांच पूरी होकर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या बताया गया?

यूपी सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जिन लोगों को दानपात्र से पैसे निकालने और उनकी गिनती का जिम्मा सौंपा गया था, वे गिनती के दौरान ही नकदी निकाल लेते थे। चुराई गई रकम को या तो अपने निजी बैंक खातों में जमा करा दिया जाता था या दूसरी जगहों पर निवेश कर दिया जाता था।

अदालत का निर्देश

सुनवाई में बताया गया कि जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट को कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने साफ किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और ट्रायल कोर्ट स्वतंत्र रूप से सुनवाई करे।

जांच में क्या सामने आया?

मंदिर परिसर के CCTV फुटेज में गिनती के दौरान चोरी के दर्जनों मामले सामने आए।

इसके बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।

पुलिस और SIT ने दान की गिनती और देखरेख से जुड़े कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

SIT ने आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद की।

गिरफ्तार आरोपी

टिंकू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय और रामशंकर मिश्रा। जांच एजेंसी ने इन सभी 8 के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।