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दिल्ली-NCR में 'विंटर एक्शन प्लान' लागू

दिल्ली-NCR में 'विंटर एक्शन प्लान' लागू: 50% वर्क फ्रॉम होम और पुरानी गाड़ियों की एंट्री बैन; बॉर्डर पर लगा लंबा जाम, लेकिन अक्टूबर की हवा ने तोड़ा 9 साल का रिकॉर्ड

स्थान: नई दिल्ली / गुरुग्राम

विशेष अपडेट: 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सख्त पाबंदियां लागू, पब्लिक पार्किंग शुल्क भी हुआ दोगुना

दिल्ली-NCR में सर्दियों के साथ बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए 1 नवंबर से सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। नए नियमों के तहत अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियों के राजधानी में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, इन सख्तियों के बीच राजधानी के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि इस साल अक्टूबर महीने में पिछले 9 वर्षों की सबसे साफ हवा दर्ज की गई है।

प्रमुख प्रतिबंध और बॉर्डर का हाल: एक नजर में

बाहरी वाहनों पर रोक: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री बंद।

दफ्तरों में नई व्यवस्था: सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में 50% स्टाफ ही दफ्तर आ सकेगा, बाकी 50% घर से काम करेंगे।

महंगी हुई पार्किंग: निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए कई पब्लिक पार्किंग में फीस दोगुनी कर दी गई है।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर जाम: पाबंदियों और सख्त चेकिंग के चलते रविवार सुबह दिल्ली-गुरुग्राम सरहौल बॉर्डर (NH-48) पर मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर करीब 1 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

बदली रणनीति: अब हवा जहरीली होने का इंतजार नहीं, तय तारीख से लागू होगा प्लान

दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में ही प्रदूषण से निपटने के लिए स्थायी 'विंटर प्लान' को मंजूरी दे दी थी। इसके तहत अब हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण से जुड़े विशेष नियम अपने आप लागू हो जाएंगे।

पहले की व्यवस्था में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां लगाई जाती थीं। लेकिन नई रणनीति के तहत सरकार अब एक्यूआई (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि एहतियात के तौर पर तय तारीख से ही रोकथाम के नियम लागू कर दिए जाएंगे।

क्या है GRAP प्रणाली?

GRAP यानी 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' को जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता के स्तर (AQI) के हिसाब से चार अलग-अलग चरणों में आपातकालीन पाबंदियां लगाना है।

राहत के आंकड़े: 9 साल में सबसे साफ रहा अक्टूबर, 2026 में सुधरी दिल्ली की आबोहवा

सख्त पाबंदियों के बीच पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों ने बड़ी राहत दी है। इस साल अक्टूबर में दिल्ली का औसत AQI मात्र 166 रहा, जो पिछले 9 सालों में अक्टूबर महीने का सबसे स्वच्छ स्तर है। इसके अलावा, जनवरी से अक्टूबर के बीच साफ हवा वाले दिनों की संख्या में भी बड़ा सुधार दर्ज किया गया है:

वर्ष (जनवरी से अक्टूबर) साफ/संतोषजनक हवा के दिन (AQI 200 से नीचे) खराब/गंभीर हवा के दिन (AQI 200 से ऊपर)

2026 220 दिन 84 दिन

2025 200 दिन 104 दिन

2024 201 दिन 104 दिन

2023 206 दिन 98 दिन

2022 आंकड़े उपलब्ध नहीं 144 दिन

मंत्रालय के आंकड़ों से स्पष्ट है कि साल 2026 के शुरुआती 10 महीनों में दिल्लीवासियों को पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा (220 दिन) साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला है, जबकि प्रदूषित दिनों की संख्या घटकर मात्र 84 रह गई है।