पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और बड़ा झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ के विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। 31 अक्टूबर को AAP ने 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी, जिसके बाद दो दिन में तीन विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।
कुंवर विजय प्रताप ने क्यों छोड़ी पार्टी?
उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेजा और X पर लंबी पोस्ट भी लिखी।
वे लंबे समय से पार्टी हाईकमान की आलोचना कर रहे थे।
जून 2025 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें 5 साल के लिए सस्पेंड किया गया था।
सियासी गलियारों में उनके भाजपा में जाने और 2027 में AAP के खिलाफ उतरने की अटकलें हैं।
इससे पहले समाना और सनौर के विधायकों ने दिया था इस्तीफा
बीते दिन पटियाला जिले के दो विधायकों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी। दोनों के भी भाजपा में जाने की अटकलें हैं। दोनों के इस्तीफे सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना): AAP सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पार्टी ने समाना में उनकी जगह पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज बना दिया था, जिससे वे हाईकमान से नाराज थे।
हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर): वे भी हाईकमान की कार्यप्रणाली से नाराज थे। उनके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था, जिसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया चले गए थे और लौटने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन्होंने इस मामले में राजनीतिक बदले और साजिश का आरोप लगाया था।
नोट: अन्य पार्टी में शामिल होने की बातें फिलहाल अटकलें हैं, इस्तीफा देने वाले नेताओं ने इसकी पुष्टि नहीं की है।