दिवाली से पहले सोने-चांदी के दामों में गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,530 रुपये गिरकर 1.38 लाख रुपये पर आ गया। एक किलो चांदी 1,372 रुपये घटकर 1.80 लाख रुपये पर बिक रही है। शुक्रवार को सोना 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.81 लाख रुपये किलो थी।
अक्टूबर में कितनी गिरावट?
सोना: 1 अक्टूबर 2026 को 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, यानी करीब 8,084 रुपये सस्ता।
चांदी: 1 अक्टूबर को 2.20 लाख रुपये किलो, यानी करीब 39,485 रुपये सस्ती।
साल भर का उतार-चढ़ाव
चांदी: 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख, 29 जनवरी को ऑल टाइम हाई 3.86 लाख। तब से अब तक 2.06 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
सोना: 31 दिसंबर 2025 को 1.33 लाख, 29 जनवरी को 1.76 लाख के सबसे ऊंचे स्तर पर। तब से अब तक 38 हजार रुपये सस्ता।
सोना क्यों सस्ता हुआ? (3 वजहें)
ऊंचे भाव पर बिकवाली: त्योहारों से पहले काफी महंगा होने पर बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
मजबूत डॉलर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत हुए, जिससे सोने की कीमतें नीचे आईं।
खरीदारों का हाथ खींचना: महंगे दाम देखकर आम खरीदारों ने फिलहाल खरीद घटा दी।
चांदी क्यों सस्ती हुई? (3 वजहें)
फैक्टरियों से कम मांग: सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में मांग घटी।
बिकवाली का दबाव: शेयर और वायदा बाजार के उतार-चढ़ाव में बड़े ट्रेडर्स ने अचानक चांदी बेची।
सोने की देखा-देखी: सोना और चांदी अक्सर साथ चलते हैं, इसलिए सोना गिरते ही चांदी में भी बिकवाली शुरू हुई।
क्या गिरावट लंबी चलेगी? एक्सपर्ट की सलाह
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी किश्तों में खरीदें: कुछ अभी और कुछ हिस्सा 15-20 दिन के अंतराल पर। निवेश के लिए एक-दो महीने की बजाय 6 महीने से एक साल को ध्यान में रखकर खरीदारी करें।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों? (4 वजहें)
ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च: दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ सकते हैं।
खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में करीब 40% खपत के कारण बड़ी खरीद होती है, पर छूट का फायदा सीमित रहता है।
लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।
पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीद रेट बिक्री भाव तय करता है।
सोना खरीदते समय 2 जरूरी बातें
BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524, और इससे सोने के कैरेट का पता चलता है।
कीमत क्रॉस-चेक करें। सही वजन और उसी दिन के भाव की IBJA जैसी वेबसाइट से पुष्टि करें। 24, 22 और 18 कैरेट के दाम अलग होते हैं।
असली चांदी पहचानने के 4 घरेलू तरीके
मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
आइस टेस्ट: असली चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है।
स्मेल टेस्ट: असली चांदी में गंध नहीं होती, नकली में तांबे जैसी गंध आ सकती है।
क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए, तो चांदी असली मानी जाती है।