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सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख

सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख

लेखक: मुहद्दिस-ए-अस्र अल्लामा सैयद मुहम्मद यूसुफ बनूरी (रहमतुल्लाह अलैह) बात तो बिल्कुल साफ है कि सहाबा (पैगंबर के साथी) जैसे भी हों, मगर वे तुम से तो अच्छे ही होंगे। तुम हवा मे...

12 Jun, 2025 और पढ़ें
ईमान कितनी बड़ी नेमत है

ईमान कितनी बड़ी नेमत है

हज़रत मौलाना पीर ज़ुल्फ़िकार अहमद नक़्शबंदी ने एक वाक़या सुनाया कि 1994 में जब समरक़ंद जाने का मौक़ा मिला, तो जामिया मस्जिद समरक़ंद में जुमा का ख़ुत्बा दिया। जुमा की नमाज़ के बाद क...

11 Jun, 2025 और पढ़ें
...और मलक-उल-मौत आ पहुँचा!!

...और मलक-उल-मौत आ पहुँचा!!

एक नौजवान लड़की एक सुपरमार्केट में अपने जिस्म की नुमाइश करते हुए फ़ित्ना अंगेज़ (उत्तेजक) अंदाज़ में जा रही थी। उसके अंदाज़ में ऐसी खुद-नुमाइश (दिखावा) और खुद-सताई (अहंकार) थी जैसे...

10 Jun, 2025 और पढ़ें
पर्यटक और मछुआरे की शिक्षाप्रद कहानी

पर्यटक और मछुआरे की शिक्षाप्रद कहानी

एक पर्यटक मैक्सिको पहुँचा, जहाँ उसने स्थानीय मछुआरों की उत्तम मछलियों की प्रशंसा की और पूछा: “इन्हें पकड़ने में कितना समय लगता है?” मछुआरों ने जवाब दिया: “ज़्यादा नहीं!” पर्...

10 Jun, 2025 और पढ़ें
मुस्लिम उम्मत धर्मपरिवर्तन (इर्तिदाद) के कगार पर...!! (इर्तिदाद की तरफ ले जाने वाली एक नई साज़िश, अजीब खुलासा)

मुस्लिम उम्मत धर्मपरिवर्तन (इर्तिदाद) के कगार पर...!! (इर्तिदाद की तरफ ले जाने वाली एक नई साज़िश, अजीब खुलासा)

जब तक तबलीगी जमात में निकलना नहीं हुआ था, तब तक इस काम की कोई खास अहमियत नहीं थी। बस यह सुनते थे कि अल्लाह के रास्ते में निकलो, ईमान की अहमियत मालूम होगी, लोगों के हालात का अंदाज़ा...

09 Jun, 2025 और पढ़ें
जनरल और चरवाहा

जनरल और चरवाहा

यह 1917 की बात है, इराक के पहाड़ों में ब्रिटिश जनरल स्टैनली मौड (Stanley Maude) का सामना एक चरवाहे से हुआ। जनरल चरवाहे की तरफ मुड़े और अपने अनुवादक से कहा, "इससे कह दो कि जनरल तुम...

09 Jun, 2025 और पढ़ें
कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

यह घटना एक मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़ी है। एक पिता की दास्तान सुनिए जो कुर्बानी करने में असमर्थ है। "बाबा.... बाबा .... हमें भी गोश्त मिलेगा ना?" मैंने कहा: "हाँ-हाँ, क्यों...

08 Jun, 2025 और पढ़ें
इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां

इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां

एक सवाल ज़हन में पैदा होता है कि इल्म-ए-नाफ़े (फ़ायदा पहुँचाने वाले ज्ञान) की अलामत (निशानी) क्या होती है? जी हाँ, नफ़ा (लाभ) देने वाला इल्म भी होता है। नबी अलैहिस्सलाम ने हमें दुआ...

08 Jun, 2025 और पढ़ें
ज्ञान में मग्न रहने की अद्भुत और दिलचस्प घटनाएँ

ज्ञान में मग्न रहने की अद्भुत और दिलचस्प घटनाएँ

सल्फ़-ए-सालिहीन (नेक पूर्वजों), मुहाद्दिसीन (हदीस के विद्वानों) और फ़ुक़हा (शरिया कानून के विशेषज्ञों) पर इल्म (ज्ञान) में व्यस्त रहने का किस कदर ग़लबा (असर) था, इसका कुछ अंदाज़ा न...

08 Jun, 2025 और पढ़ें
अपनी ज़िंदगी का जायज़ा

अपनी ज़िंदगी का जायज़ा

दुनिया में जो भी आया, कूच करने को आया। दफ़्न ख़ुद सैंकड़ों किए ज़ेर-ए-ज़मीन। फिर भी मरने का नहीं हक़-उल-यक़ीन। तुझसे बढ़कर कोई ग़ाफ़िल नहीं। कुछ तो इब्रत चाहिए ऐ नफ़्से लईन।...

06 Jun, 2025 और पढ़ें
खाना किसने भेजा?

खाना किसने भेजा?

इमाम क़ुर्तुबी (रह.) फ़रमाते हैं कि क़बीला-ए-अशअरीयीन के लोग जब हिजरत करके मदीना मुनव्वरा पहुँचे, तो उनका खाने-पीने का तमाम सामान ख़त्म हो चुका था। चुनाँचे उन्होंने अपना एक आदमी रस...

29 Apr, 2025 और पढ़ें
इंसान की गुज़रती ज़िंदगी...! (एक रुला देने वाली कहानी)

इंसान की गुज़रती ज़िंदगी...! (एक रुला देने वाली कहानी)

बहुत समय पहले एक जगह सेब का एक बहुत बड़ा पेड़ था और रोजाना एक बच्चा वहाँ आकर उस पेड़ के इर्द-गिर्द खेला करता था। वह बच्चा उस पेड़ की टहनियों से चिपक-चिपक कर उसकी चोटी पर चढ़ता, उसक...

26 Mar, 2025 और पढ़ें