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मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और स...

25 Jun, 2026 और पढ़ें
एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम...

06 Jun, 2026 और पढ़ें
रिश्ते तय करने में दोहरे मापदंड: 'लड़की देखने' की रस्म का दर्दनाक सच

रिश्ते तय करने में दोहरे मापदंड: 'लड़की देखने' की रस्म का दर्दनाक सच

हमारे समाज में जब अपने बेटे या भाई के लिए रिश्ता ढूंढा जाता है, तो... लड़की की खूबसूरती, लड़की की शराफ़त, लड़की के काम-काज, लड़की का रहन-सहन, लड़की की तालीम (शिक्षा), लड़की का ख...

05 Sep, 2025 और पढ़ें
कीमती घड़ी और पिता की सीख (अपनी कीमत पहचानो)

कीमती घड़ी और पिता की सीख (अपनी कीमत पहचानो)

एक पिता ने अपने जीवन के आखिरी वक्त में अपने बेटे को पास बुलाया, उसे एक पुरानी कलाई घड़ी सौंपी और कहा: "मेरे बेटे, यह घड़ी दो सौ साल से भी ज़्यादा पुरानी है। यह तुम्हारे परदादा की ह...

03 Sep, 2025 और पढ़ें
आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी

आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी

दफ़्तर के करीब फ़ुटपाथ पर बैठे उस बूढ़े से आते-जाते जूते पॉलिश करवाना उसका नियम था। मगर एक अजीब बात जो मैं पिछले कई दिनों से नोट कर रहा था, वह यह थी कि वह हर बार जूता पॉलिश करवाने...

01 Sep, 2025 और पढ़ें
पिता का शिक्षाप्रद उत्तर

पिता का शिक्षाप्रद उत्तर

अबुल कलाम कहते हैं: एक रात खाने के समय मेरी माँ ने सालन (सब्ज़ी) और जली हुई रोटी मेरे पिता के आगे रख दी। मैं पिता की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करता रहा कि शायद वह ग़ुस्से का इज़हार...

31 Aug, 2025 और पढ़ें
सच कहो और अमर रहो

सच कहो और अमर रहो

एक बार एक राजा सैनिकों के लंगर खाने (रसोई) में गया, साफ-सफाई की जांच की जो बिल्कुल ठीक थी। फिर उसने पूछा कि जवानों के लिए क्या पकाया गया है? जवाब मिला: 'बताऊं' यानी बैंगन। राजा बहु...

30 Aug, 2025 और पढ़ें
99 का नियम:

99 का नियम:

एक राजा ने अपने मंत्री से कहा, "एक बात समझ नहीं आती कि मेरे पास दुनिया जहान की हर सुख-सुविधा का सामान है, लेकिन फिर भी दिल खुश नहीं रहता। वहीं मेरे खादिम (सेवक) के पास कुछ नहीं है,...

29 Aug, 2025 और पढ़ें
जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

एक औरत बड़ी तेज़ी से बस में सवार हुई और एक दूसरी औरत के बराबर वाली सीट पर जा बैठी। उसके पर्स ने साथ बैठी औरत को चोट पहुँचाई। वह औरत खामोश रही। उसे खामोश देखकर दूसरी औरत ने सवाल...

28 Aug, 2025 और पढ़ें
एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी...

27 Aug, 2025 और पढ़ें
एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़

एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़

लंदन में एक इमाम साहब रहते थे। रोज़ाना घर से मस्जिद जाने के लिए बस पर सवार होकर दूर मस्जिद तक जाना उनका नियम था। लंदन में तय समय और एक ही रूट पर बसों में सफर करते हुए कई बार ऐसा हु...

25 Aug, 2025 और पढ़ें
एक खामोश सबक़

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या...

25 Aug, 2025 और पढ़ें