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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: नोनी में गोलीबारी में कुकी समुदाय के 3 लोगों की मौत, कांगपोकपी में लापता 2 युवकों के शव बरामद

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। नोनी जिले के एक जंगली पहाड़ी गांव में दो गुटों के बीच भीषण गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं कांगपोकपी जिले में 28 अक्टूबर से लापता दो लोगों के शव सुरक्षा बलों ने बरामद किए हैं।

नोनी जिले में गोलीबारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी शनिवार सुबह नोनी जिले के केकड़ू नागा गांव में शुरू हुई और पहाड़ी इलाके में कई घंटे रुक-रुक कर चलती रही।

मृतकों की पहचान थांगलेंसंग सिंगसन, थांगखोसेई हाओकिप और लम्मिनसंग किपजेन के रूप में हुई है। तीनों चुराचंदपुर जिले के हेंगलेप और थानलन के अंदरूनी इलाकों के रहने वाले थे।

कुकी नागरिक संगठनों के अनुसार, तीनों ग्राम स्वयंसेवक थे।

कुकी समुदाय की सर्वोच्च संस्था कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने हत्याओं की कड़ी निंदा की और नागा उग्रवादी समूहों पर आरोप लगाया। संगठन ने सरकार से तुरंत कड़ी कार्रवाई, जवाबदेही और न्याय की मांग की है।

पुलिस के अनुसार इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं।

कांगपोकपी में दो शव बरामद

सुरक्षा बलों ने रविवार को संयुक्त तलाशी अभियान में दो लोगों के शव बरामद किए, जो 28 अक्टूबर से लापता थे।

पुलिस के मुताबिक, शव एसपी रोड के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्वी क्षेत्र में तलाशी के दौरान मिले।

कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने लापता युवकों की सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 48 घंटे के बंद का आह्वान किया था। यह 29 अक्टूबर को शाम पांच बजे शुरू हुआ और 31 अक्टूबर को शाम पांच बजे खत्म होना था, लेकिन COTU ने बंद और राजमार्गों की नाकेबंदी अगले दिन तक बढ़ा दी।

COTU ने लापता व्यक्तियों की पहचान तांगगिनलुन चोंगलोई और पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में की थी, जो ताफौ गांव के निवासी थे। मणिपुर पुलिस, CRPF और असम राइफल्स की संयुक्त टीमें उनकी तलाश में कई अभियान चला चुकी थीं।

नोट: हत्याओं के पीछे कौन है, यह KIM का आरोप है। पुलिस जांच जारी है।