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13 November, 2024
हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने देख लिया। उसने कहा, "हज़रत! आपका यह अमल किस बिना पर (किस आधार पर) है?"
फ़रमाया: "मैं उम्मीद करता हूँ कि अल्लाह तआला इन...