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उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं

उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं

यह्या बिन यह्या बयान करते हैं: जब इमाम मालिक (रहमतुल्लाह अलैह) की मृत्यु-शय्या की बीमारी लंबी हो गई और अंतिम समय करीब आ गया, तो मदीना मुनव्वरा और अन्य शहरों से सभी उलेमा (विद्वान)...

09 Jul, 2026 और पढ़ें
एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम...

06 Jun, 2026 और पढ़ें
आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

एक गाँव में एक ग़रीब नाई रहा करता था जो एक पेड़ के नीचे कुर्सी लगाकर लोगों की हजामत (बाल-दाढ़ी) बनाया करता था। उसकी गुज़र-बसर बहुत मुश्किल से हो रही थी। उसके पास रहने को न कोई घर थ...

18 Oct, 2025 और पढ़ें
99 का नियम:

99 का नियम:

एक राजा ने अपने मंत्री से कहा, "एक बात समझ नहीं आती कि मेरे पास दुनिया जहान की हर सुख-सुविधा का सामान है, लेकिन फिर भी दिल खुश नहीं रहता। वहीं मेरे खादिम (सेवक) के पास कुछ नहीं है,...

29 Aug, 2025 और पढ़ें
एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी...

27 Aug, 2025 और पढ़ें
राजा का सींग:

राजा का सींग:

एक राजा हमेशा अपना सिर ढक कर रखता था। उसे कभी किसी ने नंगे सिर नहीं देखा था। बहुत से लोगों ने इस रहस्य को जानने की कोशिश की, लेकिन राजा हर बार बड़ी कुशलता से बात का रुख मोड़कर जवाब...

26 Aug, 2025 और पढ़ें
एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़

एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़

लंदन में एक इमाम साहब रहते थे। रोज़ाना घर से मस्जिद जाने के लिए बस पर सवार होकर दूर मस्जिद तक जाना उनका नियम था। लंदन में तय समय और एक ही रूट पर बसों में सफर करते हुए कई बार ऐसा हु...

25 Aug, 2025 और पढ़ें
एक खामोश सबक़

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या...

25 Aug, 2025 और पढ़ें
हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ

हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ

हज़रत बिलाल (रज़ि.) से एक बार किसी ने पूछा कि "आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ को कैसे देखा?" हज़रत बिलाल (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि "मैं मक्के के लोगों को बहुत ही कम जानता था। क्योंकि...

22 Jul, 2025 और पढ़ें
पूर्ण स्वतंत्रता का भ्रम: अभिनेत्री हुमैरा असगर की दर्दनाक कहानी

पूर्ण स्वतंत्रता का भ्रम: अभिनेत्री हुमैरा असगर की दर्दनाक कहानी

"तो हे आँख वालों! इबरत (सीख) हासिल करो।" यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो "मेरा जिस्म, मेरी मर्जी" का नारा लगाते हैं। मर्जी भी उसी की थी और जिस्म भी उसी का था, मगर उसके बाद जो ह...

15 Jul, 2025 और पढ़ें
कारोबारी लाइन में मर्द-ओ-ज़न का इख़्तिलात

कारोबारी लाइन में मर्द-ओ-ज़न का इख़्तिलात

मलफ़ूज़ात : हज़रत मौलाना मोहम्मद हकीम अख्तर साहब रहमतुल्लाह अलैह - व्यापारिक (کاروباری) लाइन में भी मर्द और औरत का इख़्तिलात (मेल-जोल) उरूज (चरम) पर है, देखिए! अव्वल (पहले) तो...

26 Jun, 2025 और पढ़ें
माल्टा के घाव: हज़रत शैखुल हिंद की महान क़ुर्बानियां और अटूट ईमान

माल्टा के घाव: हज़रत शैखुल हिंद की महान क़ुर्बानियां और अटूट ईमान

हज़रत शैखुल हिंद को दीन (धर्म) के लिए बड़ी क़ुर्बानियां देनी पड़ीं। उनके हालात-ए-ज़िंदगी (जीवनी) में लिखा है कि जब उनका देहांत हकीम मोहम्मद अजमल की कोठी पर हुआ, तो ग़ुस्ल (अंतिम स्...

17 Jun, 2025 और पढ़ें