पूर्ण स्वतंत्रता का भ्रम: अभिनेत्री हुमैरा असगर की दर्दनाक कहानी
"तो हे आँख वालों! इबरत (सीख) हासिल करो।" यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो "मेरा जिस्म, मेरी मर्जी" का नारा लगाते हैं। मर्जी भी उसी की थी और जिस्म भी उसी का था, मगर उसके बाद जो ह...
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"तो हे आँख वालों! इबरत (सीख) हासिल करो।" यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो "मेरा जिस्म, मेरी मर्जी" का नारा लगाते हैं। मर्जी भी उसी की थी और जिस्म भी उसी का था, मगर उसके बाद जो ह...
यौम-ए-आशूरा बड़ा ही महत्वपूर्ण और महानता का हामिल दिन है, इतिहास की महान घटनाएँ इससे जुड़ी हुई हैं; चुनाँचे इतिहासकारों ने लिखा है कि: (1) यौम-ए-आशूरा में ही आसमान और ज़मीन, क़ल...
हज़रत मौलाना सैयद असग़र हुसैन रहिमतुल्लाह अलैह (जो अपने मिलने वालों में हज़रत मियां साहब के नाम से मशहूर थे) दारुल उलूम देवबंद के उन उस्तादों में से थे जो शोहरत और नाम-ओ-नमूद (دکھا...
मलफ़ूज़ात : हज़रत मौलाना मोहम्मद हकीम अख्तर साहब रहमतुल्लाह अलैह - व्यापारिक (کاروباری) लाइन में भी मर्द और औरत का इख़्तिलात (मेल-जोल) उरूज (चरम) पर है, देखिए! अव्वल (पहले) तो...
हज़रत शाह अब्दुल रहीम साहब सहारनपुरी, जो बड़े साहिब-ए-कश्फ़-ओ-करामात (आध्यात्मिक रहस्य और चमत्कार वाले) थे, उनका एक वाक़िया बहुत मशहूर है कि पंजाब से हकीम नूरुद्दीन इलाज के सिलसिले...
अब्बा जी बूढ़े हो गए थे और चलते-चलते दीवार का सहारा लेते थे। नतीजतन दीवारों का रंग खराब होने लग गया, जहां भी वह छूते थे वहां दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान छप जाते थे। मेरी प...
एक महिला कहती हैं: एक दिन मैं अपने घर की सफ़ाई कर रही थी, इतने में मेरा बेटा आया और शीशे का एक नायाब तोहफा (शाहकार) गिरा दिया और वह टूट गया। मैं उससे बहुत नाराज़ थी क्योंकि यह बहु...
हज़रत शैखुल हिंद को दीन (धर्म) के लिए बड़ी क़ुर्बानियां देनी पड़ीं। उनके हालात-ए-ज़िंदगी (जीवनी) में लिखा है कि जब उनका देहांत हकीम मोहम्मद अजमल की कोठी पर हुआ, तो ग़ुस्ल (अंतिम स्...
हमारे एक दोस्त थे; ज़ेहन (सोच) इस्लामी, लेकिन चेहरा-मोहरा ग़ैर-इस्लामी। हम सिर्फ़ उनके ज़ेहन पर ही अल्लाह का शुक्र अदा करते थे। मौसूफ़ (महोदय) कुछ समय के लिए इंग्लैंड तशरीफ़ ले गए,...
इमरजेंसी वार्ड की गहमागहमी में एक अजनबी दाखिल हुआ। कंधों पर वक्त का बोझ, हाथों में एक बेहोश औरत, और पीछे दो बच्चे, जिनके चेहरों पर खौफ और आंखों में नमी थी। डॉक्टर ने मरीज को देखा,...
मेरे भाई ने मुझे अपने एक दोस्त से सुना हुआ सच्चा वाक़या सुनाया, जो मैं अपनी बहनों के लिए बतौरी नसीहत (सीख के रूप में) पेश कर रहा हूँ। मेरे एक अज़ीज़ (रिश्तेदार) पैरिस में काफ़ी समय...
हमारे घर के करीब एक बेकरी है। अक्सर शाम के वक्त काम से वापसी पर मैं वहां से सुबह नाश्ते के लिए कुछ सामान लेकर घर जाता हूं। आज जब सामान लेकर बेकरी से बाहर निकल रहा था कि हमारे पड़ोस...